Tuesday , January 23 2018
Home / आयुर्वेदिक उपचार / मिर्गी का इलाज

मिर्गी का इलाज

मिर्गी का इलाज

मिर्गी का इलाज
मिर्गी का इलाज

स्नायू संबंधी रोगों में मिर्गी को सबसे भयानक माना जाता है। इस रोग में सुबह याददाश्त समाप्त हो जाती है। रोगी ऐसा महसूस करता है मानो की अंधेरी सुरंग में घुसता चला जा रहा है। वह जमीन पर गिर पड़ता है। हाथ पैर तेजीसए पटकता है। फिर चिखकर कर बेहोश हो जाता है। बेहोशी की स्थिति में रोगी की आंखें वह भोहें टेधी हो जाती है। मुंह से झाग व लार बनने लगती है।

मिर्गी के लक्षण :

शरीर एठ जाता है। रोगी को श्वास लेने में अत्याधिक कठिनाई होती है। वह दांतों को घीसता है। चबाता है और दांतों से अपनी जीभ को काटता है कुछ समय बाद रोगी होश में आता है। मस्तिष्क हमारे संपूर्ण शरीर का संचालन करता है। जब मस्तिष्क को शांत नहीं रहता तभी मिर्गी की समस्या ज्यादा होती है।

मिर्गी के रोग में आप मिर्गी का उपचार फलो द्वारा कर सकते हो। रोजाना फल खाने से आप मिर्गी से बच सकते हो।

मिर्गी का इलाज घरेलु उपचार :

निंबू:

चुटकी भर हींग को नींबू में मिलाकर चूसने से मिर्गी में लाभ होता है।

सेव:

सेव का रस पीना भी इस रोग में लाभदायक होता है। सेव का मुरब्बा भी रोग की तीव्रता कम करता है।

शहतूत:

हर रोज 25 ग्राम शहतूत का रस पीने से मिर्गी के दौरे नहीं पड़ते।

मनुक्का:

 हर रोज मनुका का सेवन करना लाभदायक होता है। अगर आपको मार्गी की समस्या है तो आप हर रोज मनुक्क का सेवन कीजिए। मिर्गी रोग में इससे आपको बहुत लाभ मिलेगा।

आंवला व गाजर:

गर्मियों के दिनों में सुबह आंवले के मुरब्बे के साथ दूध व गाजर का रस मिलाकर पिए तो मस्तिष्क को बल मिलता है और मेरी की की बीमारी कम होती है। अगर रोजाना आप इसका प्रयोग करें तो मिर्गी नष्ट हो जाती है।

लीची:

मिर्गी के रोगियों को लीची का सेवक नियमित करना चाहिए।  लीची मिर्गी के रोगियों के लिए लाभदायक होती है। इससे मस्तिष्क को शांति मिलती है।

loading...

Check Also

चेहरे के दाग धब्बे हटाने के लिए उपाय

चेहरे के दाग धब्बे हटाने के लिए उपाय

चेहरे के दाग धब्बे हटाने के लिए उपाय नमस्कार दोस्तों, आप हमेशा ही नेट पर …

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *