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खाँसी का इलाज ayurvedic medicine for cough

खाँसी का इलाज

खाँसी का इलाज
खाँसी का इलाज

खांसी याने क्या ?

गले ,कंठ ,कंठ नली ,श्वासनलियों या फेकड़ो में कोई विक्षोभजन्य कारण मौजूद होने पार खाँसी होती है | श्वसनालियो की श्लेष्मकला में जीवाणु अथवा वाइरस के संक्रमन अथवा किसी अन्य कारण से सूजन आ जाने पर उसमे होने वाला श्लेम स्राव बंद हो जाता है ,जिससे श्वास प्रणाली में खुश्की आ जाती है ,जो खाँसी का कारण बनती है |

लेकिन एक या दो दिन बाद जब श्वास प्रणाली की श्लेमकला में सूजन बढती है ,तो श्लेम स्राव अत्याधिक मात्रा में बढ़ जाता है ,जो खाँसने पर बलगम के रूप में निकलता है |जीवाणु संक्रमण ,असात्म्य (एलर्जी उत्पन्न करने वाला द्रव या अन्य बाहरी कारणों से श्वासनलियों में होने वाले विक्षोभ की प्रतिक्रियास्वरूप खाँसी उठती है ,ताकि विक्षोभ जन्य कारण का निराकरण हो सके |वृक्क शोथ ,टी .बी आदि अन्य रोगों के लक्षण के रूप में भी खाँसी का प्रकोप होता है |

खांसी के लक्षण :

सुखी खाँसी में गले में खराश होती है , जबकि बलगम खाँसी में खाँसी के साथ बलगम भी निकलता है |खाँसी बार-बार उठने से गले व् छाती में दर्द महसूस होता है |

खांसी का घरेलू उपचार :

सूखी खाँसी व् बलगम खाँसी की चिकित्सा अलग-अलग है | जाने Ayurvedic Medicine for Cough in Hindi

सूखी खाँसी का इलाज :

  • बहेड़े की छाल की डली मुंह में रखकर चुसे |
  • लौंग मुंह में रखकर चुसे |
  • पिप्पली चूर्ण और सेंधा नमक 1 :2 के अनुपात में मिलाकर रख ले | आधा चम्मच सुबह-शाम गर्म पानी के साथ ले अथवा १ ग्राम छोटी पीपल का चूर्ण १ चम्मच शहद के साथ चाटे अथवा छोटी पीपल पानी के साथ पीसकर १ चम्मच की मात्रा में थोडा सा गाय के घी के साथ गर्म करे और थोड़ा-सा सेंधानमक मिलाकर ले | इसका सेवन दिन में दो बार करे |
  • एक पाँव तिल लेकर १ लीटर पानी में पकाकर काढ़ा बनाए | एक चौथाई रह जाने पर उतार ले व् स्वादानुसार मिसरी मिला ले | यह काढ़ा दिन में तिन बार 2 से 4 चम्मच तक ले |
  • तुलसी ,अदरक और प्याज का रस आधा-आधा चम्मच मिलाकर ले | इनके बराबर मात्र में शहद मिलाकर सुबह-शाम ले |

बलगम खाँसी का इलाज :

  • नाशपाती का रस सुबह-शाम पिए |
  • रोगी के करेले की सब्जी खिलाए |
  • शलगम उबालकर उसका पानी रोगी को पिलाए |
  • एक ग्राम पान के रस में तीन गुना शहद मिलाकर दिन में तिन बार चाटे |
  • अदरक के रस में सम भाग शहद मिलाकर चाटे |उपर से गर्म पानी पिए |

आयुर्वेदिक औषधिया :

लवंगादिवटी ,एलादिवटी ,गोदन्ती भस्म ,प्रवाल भस्म ,वासावलेह आदि

पेटंट औषधिया :

कसिल सीरप ,कोफोल सीरप ,जूफेक्स सीरप ,कासमर्द सीरप इस रोग में लाभकारी है |

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